शनिवार, 5 नवंबर 2011
बुधवार, 2 नवंबर 2011
"संतान"
माँ बाप के आँखों का ओ तारा
घर में सबका राज दुलारा
अपने घर का चाँद सितारा
बेटा ओ घर का उजियारा
रोशन करे जो अपना घर बार
खेल कूद कर मचाये बयारे
घर बन जाये जो स्वर्ग का धाम
ऐसा ही तुम करना काम
बेटा हो चाहे बेटी हो घर को खुशियाँ देती हो
समझो सबको अपना संवारो सबका सपना
शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2011
मंगलवार, 4 अक्टूबर 2011
शनिवार, 1 अक्टूबर 2011
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