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बुधवार, 2 नवंबर 2011

"संतान"

माँ बाप के आँखों का ओ तारा 
घर में सबका राज दुलारा 
अपने घर का चाँद सितारा 
बेटा ओ घर का उजियारा 
रोशन करे जो अपना घर बार 
खेल कूद कर मचाये बयारे 
घर बन जाये जो स्वर्ग का धाम 
ऐसा ही तुम करना काम
बेटा हो चाहे बेटी हो घर को खुशियाँ देती हो 
समझो सबको अपना संवारो सबका सपना

शनिवार, 1 अक्तूबर 2011

जय माँ दुर्गे

इस नवरात्री के शुभ अवसर पर आप सभी को नवरात्री की  हार्दिक बधाइयाँ 
माँ दुर्गा आपकी मनोकामना पूरी करे...
"सारा जहाँ है जिसकी शरण में
नमन है उस माँ के चरण में 
बने उस माँ के चरणों की धुल 
आवो मिलकर चढ़ाएं श्रद्धा के फूल

शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

हमारा देश

                              जब तक बुलंद न होंगे हमारे इरादे,
                              तब तक झ्ठे और खोखले होंगे नेताओं के वादे.
                              
                              जब तक मेहनतकश और गरीबों का का होगा  तिरस्कार,
                              तब तक हमारा अधुरा सपना कैसे होगा साकार.

                              जिस देश के अधिकारी और नेता है बेईमान,
                              कैसे होगा उस देश के भविष्य का कल्याण.
                            
                              जहाँ अन्धविश्वाश की पकड़ मजबूत,
                              वहां करेंगे हम भेदभाव और मानेंगे छुआछुत.

                              जब तक नारी का होगा व्यापर और अपमान,
                              तब तक कैसे कहेंगे हमारा देश है महान.
                            

सोमवार, 19 सितंबर 2011

" सच्चाई की बुनियाद "

जीवन की उन तमाम सच्चाई से लोग अंजान बन जातें है ,जो उन्हें कोसने के लिए मजबूर कर देता है 
उनकी तो नजर  बस आज की सच्चाई पर टिकी होती है ,जो अधिकांशतः भ्रम होती है|
कही न कही हर इन्सान में तो वो गुड होती है , जो उनके गलती से दूर हकीकत  की और ले जाती है 
इन्सान को सुख में किसी और के लिए समय नही होता ,लेकिन इश्वर की माया है जो दू:ख में इन्सान एक सच्चा इन्सान को तलाशता है ,जो उसकी मदद करे| हर तरफ से सच्चाई ही इन्सान को उसकी करनी का एहसास अच्छाई या बुराई से करता है  अच्छाई का एहसास तो सच्चा व्यक्ति के लिए मात्र है |
जिस परिस्थिति में इन्सान रहता है ,वाही उसका इम्तिहान होता है | परिदम तो अपने आप ही स्पष्ट हो जाता है 
बस... यही तो है " सच्चाई की बुनियाद "
                                                           'गिरिवर कुर्रे'

शनिवार, 17 सितंबर 2011

जय माँ कौशलेश्वरी

कोसीर का बखान

ज़िन्दगी की डायरी...

रविवार, 11 सितंबर 2011

दोस्ती की फ़रियाद...

दोस्ती एक एहसास है,
                  जुबान से न कही जाने वाली इतिहास है.
दोस्ती एक मिठास  है,
                  जो सिर्फ दोस्तों  के पास है.
दोस्ती एक गीत सुहानी   है,
                   दो दोस्तों की मधुर कहानी है..
दोस्ती एक तेज लहर  है,
                   जो  टूट जाये तो कहर है. 
दोस्ती एक  प्यार है, 
                    ईश्वर का दिया हुआ उपहार है.  
दोस्ती एक  इशारा है,  
                    सुख दुःख का सहारा है .
दोस्ती एक  विश्वाश है, 
                जो  टूट जाए तो विनाश  है.
  दोस्ती  एक   पवित्र प्यार है,  
गीरीवर कुर्रे "गोलू "
आप सबका स्वागत है मेरे इस ब्लाग पर 
मैं यहाँ आप लोगों को अपने जीवन की  
कुछ पहलुओं से आपको रूबरू कराऊंगा 
कुछ अपने अनुभव भी आपसे बाटूंगा 
मैं हमेशा आप सब से सहयोग की 
कामनाएं रखता हूँ और मुझे पूर्ण 
विश्वास है की आप सबका स्नेह मुझे 
हमेशा मिलता रहेगा 

आपका अपना नया ब्लागर मित्र 

           गिरिवर कुर्रे